Saturday, 29 December 2018

Essay On Pollution In Hindi | पर्यावरण प्रदुषण हिंदी निबंध

Essay On Pollution In Hindi - पर्यावरण प्रदुषण हिंदी निबंध




नमस्कार मित्रों अगर आप भी Internet में Essay On Pollution In Hindi के बारे में जानकारी ढूंढते हैं तो इस पोस्ट में हम आप को Essay On Pollution In Hindi के बारे में जानकारी देंगे।


ESSAY On Pollution In Hindi
Essay on pollution in Hindi, Air Pollution In Hindi, Water Pollution in Hindi 

प्रस्तावना (Introduction) :- 

आज हम जिस बहुत बड़े समस्या से जूझ रहे हैं उसका नाम है प्रदुषण (Pollution ) । और यह समस्या केवल भारत देश की नहीं है अपितु यह समस्या पुरे विश्व की है। प्रदुषण के कारण दिनों-दिन वर्षा कम होती जा रही है, जिससे किसान सूखे की समस्या से रूबरू हो रहे हैं। और अगर वर्षा होती भी है तो समय से हट कर जो फसल को बर्बाद ही करती है। दिनों-दिन गर्मी बढ़ती जा रही है, कहीं फसल में पानी की कमी है तो कहीं लोग बूंद बूंद को तरस रहे हैं। विश्व ग्लोबल वार्मिंग (Global warming) का शिकार हो रही है। और ठंड के दिनों में हाल तो यह होती है कि मृत्यु दूर नहीं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि पर्यावरण ने अपना व्यवहार बदल दिया है, और इन सब का कारण है पर्यावरण प्रदुषण (Environmental Pollution ) । प्रकृति में लगातार गिरावट आई है, लगातार प्रकृति ने अपनी शुद्धता खोई है। प्रकृति में लगातार अवांछित तत्वों का समावेश हो रहा है तथा किया जा रहा है। और यह प्रदुषण नाम का दानव धिरे-धिरे पूरी दुनिया को निगल रहा है। अतः इस समस्या से निजात पाने के लिए पूरे विश्व को मिलकर काम करना होगा। ता कि यह विश्व प्रदूषण मुक्त बन सके।

प्रदूषण की परिभाषा ( Definition of Pollution)

पर्यावरण प्रदूषण को समझने के लिए हमें किसी खास परिभाषा की आवश्यकता नहीं है। पर्यावरण प्रदूषित को सामान्यतः कहा जा सकता है कि "पर्यावरण में किसी भी अवांछित तत्वों का समावेश हो जाना" पर्यावरण प्रदूषण कहलाता है। अर्थात किसी भी तत्व या पदार्थ का एक शुद्धतम रूप होता है लेकिन जब उसमें कोई अन्य तत्व या पदार्थ मिश्रित हो जाता है तो मूल तत्व अपनी शुध्दता खो बैठता है, इसे ही प्रदूषण कहते हैं ।और जब यह पर्यावरण के साथ होता है तो इसे पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं। अब हमें यह तो पता है कि पर्यावरण में अवांछित तत्वों का समावेश पर्यावरण प्रदूषण कहलाता है, लेकिन उस अवांछित तत्व को क्या कहते हैं, जिसके पर्यावरण में मिश्रित हो जानें से पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है? तो उसे कहते हैं प्रदूषक(Pollutants)। इस प्रकार प्रदूषण तथा प्रदूषक को परिभाषित किया जा सकता है। 

प्रदूषण के प्रकार (Kinds Of Pollution) 

प्रदूषण को मुख्य रूप से 5 भागों में विभाजित किया जा सकता है :-
  1. वायु प्रदूषण (Air Pollution) 
  2. जल प्रदूषण (Water Pollution) 
  3. मृदा प्रदूषण (Soil Pollution) 
  4. ध्वनि प्रदूषण (Sound Pollution) 
  5. रेडियोधर्मी प्रदूषण (Radioactive Pollution) 

  1. वायु प्रदूषण :- 

ESSAY ON POLLUTION IN HINDI
Essay On Pollution In Hindi, Air Pollution In Hindi 

वायु में मुख्य रूप से ऑक्सिजन(Oxygen)., नाइट्रोजन(Nitrogen), कार्बन डाई ऑक्साइड (Carbon Dixide), आर्गन(Ar), हीलियम(Helium) Krypton गैस शामिल रहते हैं। जिसे शुध्द वायु कहते हैं। लेकिन जब वायु मे इन गैसों के अलावा कोई दूसरा गैस मिश्रित हो जाता है, तो वायु शुध्दता खो बैठती है। जिससे वायु प्रदूषित हो जाती है। यह गैस Co, So2, CFC हो सकती है। 

2. जल प्रदूषण (Water Pollution) 

जल एक रंगहीन और गंध हीन पदार्थ है। रसायन में जल का सूत्र H2O होता है, अर्थात जल हाइड्रोजन और ऑक्सिजन का मिश्रण है। लेकिन पानी में जब कई तरह के गंदगी आ जाती है तब उस जल को प्रदूषित जल माना जाता है। 

3. मृदा प्रदूषण (Soil Pollution) 

Essay On Pollution In Hindi
Essay On Pollution In Hindi soil pollution 


पिछले कुछ दशकों में मिट्टी ने अपनी गुणवत्ता खोई है । मिट्टी कई तरह के खनिज लवण से मिलकर तैयार होता है इन तत्वों के मात्रा में कमी या वृद्धि से मिट्टी प्रदूषित कहलाती है। 

4. ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution)


सामान्यतः मनुष्य 60 db(डेसिबल) के अवाज को सुन सकते हैं। लेकिन कोई ध्वनि अगर इससे अधिक अवाज करने लगता है तो वह शोर प्रतीत होता है, इसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। 

5. रेडियोधर्मी प्रदूषण (Radio Active pollution)

रेडियोधर्मी प्रदूषण मुख्यतः परमाणु हथियारों के उपयोग तथा परीक्षण से होता है। यह बहुत ही खतरनाक होता है। द्वितीय विश्व युद्ध में नागासाकी और Hiroshima पर परमाणु बम उपयोग किया गया था, जिसके परिणाम आज भी देखने को मिलता है। वहां के बच्चे आज भी अपंग पैदा होते हैं। 

प्रदूषण के कारण (Causes Of Pollution) 

अब प्रदूषण सर्वत्र व्याप्त है तो जाहिर है कि प्रदूषण के कारण भी होंगे, प्रदूषण के निम्न कारण है :- 

जल प्रदूषण के कारण (Causes Of Water Pollution) 

  •  कारखानों में उपयोग किया हुआ जल नाली से बड़े जल स्रोतों में मिला दिया जाता है जिससे जल प्रदूषण होता है। 
  • किसान खेती के लिए विभिन्न प्रकार के कीट नाशको का उपयोग करते हैं जो बहते हुए जल स्रोतों से मिलकर जल को प्रदूषित बनाते हैं। 
  • परमाणु परीक्षण के लिए समुद्र का चुनाव किया जाता है और यह समुद्री जल को प्रदूषित बनाती है। 
  • पेट्रोलियम पदार्थों के रिसाव के कारण जल प्रदूषण होता है। 
  • ऐसे जल स्रोत जहां कई तरह के गतिविधियां होती हैं जैसे नहाना, धोना, कपड़े सफाई, पीने के लिए उपयोग करना, पशुओं को नहलाना आदि इन सबके उपयोग से निश्चित रूप से जल प्रदूषित होता है। 

वायु प्रदूषण के कारण (Causes Of Air Pollution) 

  • बड़े कारखानों से निकलने वाला धुआँ वायु प्रदूषण का मुख्य कारण है ।
  • वाहनों से निकलने वाली धुआँ भी वायु को प्रदूषित करने में मुख्य भूमिका निभाती है। 
  • शादी व्याह तथा सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान होने वाले आतिशबाजी भी वायु प्रदूषण का कारण है। 
  • परमाणु परीक्षण के दौरान विभिन्न तरह के गैस निकलती है जो वायु को प्रदूषित करती है। 

मृदा प्रदूषण के कारण (Causes Of Soil Pollution) 

  • रासायनिक खाद (Chemical Fertilizers) का अधिक उपयोग 
  • मृदा प्रदूषण का मूल जल प्रदूषण है। 
  • खाली जगहों पर ठोस कचरा को सड़ने के लिए छोड़ देना 
  • प्लास्टिक के उपयोग के पश्चात उसे फेंक देने से प्लास्टिक जमीन में नहीं सड पाता है और वह मृदा प्रदूषण का कारण बनती है। 
  • हॉस्पिटल के अपशिष्ट पदार्थ मिट्टी को बेकार और प्रदूषित करती है। 

ध्वनि प्रदूषण के कारण (Causes Of Noise Pollution) 

  • कारखानों में उपयोग होने वाले मशीन की आवाज ध्वनि प्रदूषण होता है। 
  • वाहनों से निकलने वाली चिल्ल-पों ki आवाज भी ध्वनि प्रदूषण का कारण है। 
  • शादी व्याह में होने वाली आतिशबाजी से भी ध्वनि प्रदूषण होता है। 

रेडियोधर्मी प्रदूषण (Causes Of Radio-Active Pollution ) 

  • रेडियोधर्मी प्रदूषण का मुख्य कारण परमाणु हथियारों का इस्तेमाल तथा परीक्षण है। हॉस्पिटल के अपशिष्ट पदार्थ भी इसके कारण हो सकते हैं। 

प्रदूषण के कुप्रभाव (Impacts of Pollution) 

प्रदूषण के निम्न प्रभाव है :-

वायु प्रदूषण के प्रभाव (Impacts of Air Pollution) :- 

  • वायु प्रदूषण के कारण asthma दमा जैसे बीमारियां हो रही है। 
  • वायु प्रदूषण के कारण बारिस कम हो रही है तथा अपना समय बदल रही है। 
  • वायु प्रदूषण शुध्द वायु नहीं मिल रही है। 
  • वायु प्रदूषण के कारण दूर के i वस्तु तथा मूर्ति धुंधले दिखायी देती है। 

जल प्रदूषण के प्रभाव (Impacts of Water Pollution) 

  • सर्वत्र प्रदूषित जल उपलब्ध होने के कारण गंदी पानी उपयोग करने हेतु विवश होना पड़ रहा है। 
  • गंदी पानी पीने से कई तरह के बीमारी होने की आशंका है। 

मृदा प्रदूषण के प्रभाव (Impacts Of Soil Pollution) 

  • मृदा प्रदूषण के कारण मिट्टी लगातार बंजर होती जा रही है। 
  • मृदा प्रदूषण के कारण फसलों की उत्पादन क्षमता कम होती जा रही है। 
  • प्रदूषित मृदा से उत्पन्न अन्न का सेवन करके लोग भी बीमार पड़ रहे हैं। 

ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव (Impacts Of Noise Pollution  

  • ध्वनि प्रदूषण के कारण लोग बहरापन का शिकार हो रहे हैं। 
  • ध्वनि प्रदूषण के कारण चिड़चिड़ापन बढता है। 
  • ध्वनि प्रदूषण के कारण ब्लडप्रेशर high होता है। 
  • और भी कई प्रकार के बीमारियां ध्वनि प्रदूषण ke कारण होती है। 


रेडियोधर्मी प्रदूषण के प्रभाव (Impacts Of Radio-Active Pollution) 

रेडियोधर्मी प्रदूषण के कारण skin से संबंधित कई तरह के प्रदूषण होते है। रेडियोधर्मी 

प्रदूषण से बचाने के उपाय (Prevention Of Pollution) 

  • कारखानों को गाँव शहरों से दूर स्थापित करना चाहिए जिससे वायु प्रदूषण को रोका जा सकता है।
  • करखानों में मशीनों के अवाज को कम करने के लिए ध्वनि अवशोषक यंत्रों का उपयोग किया जाना चाहिए। 
  • हो सके तो कारखानों में कोयला के जगह अन्य वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए। 
  • अधिक आवश्यकता पड़ने पर ही वाहन का उपयोग किया जाना चाहिए जिससे धुआँ कम विसर्जन हो और वायु प्रदूषण को रोका जा सके। 
  • शादी व्याह तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में आतिशबाजी पर रोक लगाने की कोशिश करनी चाहिए। 
  • परमाणु हथियारों के परीक्षण पर रोक लगाने की सख्त जरूरत है, यदि संभव हो तो। 

  • कारखानों से विसर्जित जल को शुद्धि करन ke पश्चात ही जल स्रोतों में छोड़ जाना चाहिए जिससे जल प्रदूषण नियंत्रित हो सके। 
  • जल में परमाणु परीक्षण नहीं करना चाहिए। 
  • समुद्री जल में पेट्रोलियम पदार्थों के रिसाव पर ध्यान दिया जाना चाहिए। 
  • फसलों में किट नाशक का उपयोग कम किया जा सकता है। 
  • फसलों में रासायनिक खाद के जगह जैविक खाद का निर्माण वा उपयोग किया जाना चाहिए। 
  • ठोस कचरा का Recycle किया जाना चाहिए। 
  • प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित कर देना चाहिए
  • प्लास्टिक के जगह बाँस के बने वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए। 
  • Loud Speaker के अवाज को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। 
  • इन सब सावधानियों में से सबसे ज्यादा प्रभाव शाली तरीका है पेड़ लगाना,। 

निष्कर्ष (Result) :-

अंत में यही निष्कर्ष निकाला है कि हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए और पूरी दुनिया में भाईचारे का विस्तार करना चाहिए। स्वयं साफ रहे तथा आस पड़ोस को साफ सुथरा रखे, ना प्रदूषण करें और ना ही करने दें। और मित्रों आपको यह पोस्ट "Essay On Pollution In Hindi" कैसी लगी Comment के माध्यम से जरूर बताइएगा। 



Tuesday, 25 December 2018

IPL 2019 Tickets Booking Online

IPL 2019 Tickets Booking Online

Hey friend
                   Aap sabhi ko pata toh hai ki IPL ka festival aane waala hai , aur IPL 2019 koi tyohar se Kam nahi hai. IPL ke time jitna bhi important kaam ho sab kuchh chhodne ke liye majboor hona padta hai. Aaj Kal agar kissi bachhe ko puchh liya jaaye ki India national sport koun sa hai tab bachha of course Cricket ka hi naam lega, Matlab yeh khel apni charam seems par hai . Sabhi iss khel ke deewaane hain. Jaisa ki mai pahle hi Bata chooka Hoon ki india me IPL ko festival ki tarah maante Hain toh aise me festival me saamil hona to  baanta hai. 
Aapke pass IPL 2019 enjoy karne ke do raste hai yaa toh aap IPL 2019 Ghar apne boaring Television ke saath dekh sakte Hain yaa phir Maidan me apni attendence dekar enjoy Kar sakte hain.

Agar aap Ghar me Television ke saath IPL 2019 ka maaza lete Hain toh ho sakta hai ki maa-papa ke serial dekhne ka time ho raha ho toh aapko tv se hatna padega. Au agar aap Khud Cricket Ground me rahkar cricket ka enjoy karna chahte Hain phir distubanace ki koi tension nahi hai

Toh agar aap cricket ground par rahkar cricket ka mazaa Lena chahte hai, haha par aapke favorite player mil jaayengey toh iske aapko IPL 2019 ka Online tickets book karna padega 

Filhaal kisi bhi IPL team ne apni tickets ka rate fix nahi kiya hai, jaise information milega Issi website me updated Kar Diya jaayega.

Thanks

Sunday, 23 December 2018

CT Scan Machine क्या है What is a CT Scan Machine

What is a CT Scan Machine - CT Scan Machine क्या है ?

( What is a CT Scan Machine , CT Scan cost , ct scan procedure , CT scan abdomen , ct Scan ) 

What is a Full Form of CT Scan :- 

CT Scan का full form Computerized Tomography होता है। ct Scan को CAT  भी कहा जाता है CAT का Full Form Computerized Axiel Tomography होता है


CT Scan Machine
CT Scan Machine


What Is a CT scan - CT Scan क्या होता है?

 CT Scan एक ऐसी विधि है जिसके माध्यम से शरीर के अंदरूनी हिस्सों को कम्प्यूटर के माध्यम से देखा जा सकता है, शरीर के अंदर हो रहे बदलावों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। तथा जरुरत के हिसाब से इलाज किया जा सकता है।
CT Scan वैसे तो X-RAY की तरह है लेकिन सामान्य x-rays की तुलना में ज्यादा और विस्तृत जानकारी प्राप्त कराता है। CT Scan को आप Body के किसी भी अंग के जांच के लिए उपयोग कर सकते हैं। 
आमतौर पर कहा जा सकता है कि CT Scan शरीर के अंदर ऐसे अंदरूनी हिस्सों कि जानकारी उपलब्ध कराता है जिसे हम अपनी सामान्य नजरों से नहीं देख सकते हैं।

Benefits of CT Scan :-

CT Scan के माध्यम से हम शरीर के अंदर हो रहे निम्न बदलावों को देख सकते हैं :- 
  • Ct Scan के द्वारा शरीर के किसी भी अंग में हो रहे Cancer का पता लगाया जा सकता है।
  • शरीर के हड्डियों ( Bones ) me Fracture का पता लगाने के लिए CT Scan का उपयोग कर सकते हैं। 
  • CT scan के द्वारा शरीर के अंदर रक्त बहाव का पता लगाया जा सकता है।
  • Tumors का भी पता लगाने में इसका उपयोग किया जाता है। 
  • CT Scan का उपयोग अंदरूनी चोंट का पता लगाने में किया जा सकता है।
  • हृदय रोग का भी जांच इसके द्वारा किया जा सकता है।

CT Scan Machine :- 

CT Scan Machine में एक आगे-पीछे हो सकने वाली बिस्तर होती है, जिसे एक गोल आकृति के गुफानुमा क्षेत्र से गुजारा जा सकता है। इस गोल आकृति वाले क्षेत्र से X-RAYS किरणें निकलती है जो बिस्तर में लेटे Patient के उपर पड़ती है।

How it works ( CT Scan कैसे काम करता है ? )


CT Scan में आगे-पीछे हो सकने वाले बिस्तर मे patient को सुलाया जाता है।य यह बिस्तर गद्दीदार होता है, जिससे patient को comfortable महसूस हो। जब इस बिस्तर को गोल आकृति में से होकर गुजारा जाता है तो इस गोल आकृति से प्रक्षेपित X-RAYS किरणें patientके ऊपर पड़ थी है। और Computer उसके image बनाता है जोकि 2d Image होता है जिसे कुछ तकनीक का इस्तेमाल करके 3D में Convert कर लिया जाता है। तथा इस image को बाद के अवलोकन के लिए रखा जाता है Computer द्वारा। इस विधि में X-RAYS शरीर के विभिन्न हिस्सों के विभिन्न angles से Picture इकट्ठे करता है, बाद में उन्हें Computer के द्वारा मूर्त रूप दिया जाता है। CT Scan के दौरान प्राप्त Picture/Image से पता लगाया जा सकता है कि शरीर के कौन से हिस्से में किस प्रकार के बदलाव हो रहे हैं। क्या कहीं Tumors है? क्या कहीं Cancer है? क्या कहीं Bones Fracture है? आदि।

During the CT Scan Procedure ( CT Scan के दौरान )

CT Scanजांच के दौरान Doctor का सहयोग करना अति आवश्यक है। CT Scan के दौरान हिलना डुलना नहीं चाहिए इससे Image Blur हो सकता है। CT Scan के दौरान कोई Pain नहीं होता। इस प्रक्रिया से पहले और बाद में पानी पीने के ऊपर विशेष ध्यान रखें,  बाकी आप Doctor से परामर्श अवश्य लें।

After The CT scan Procedure (CT Scan के बाद)

Ct Scan जांच के पश्चात आप साधारण रोजमर्रा की जिंदगी जी सकते हैं।



Precaution For This Test (इस जांच के लिए सावधानियां)

वैसे तो CT Scan से कोई क्षति नहीं है, लेकिन फिर भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे:- 
  • CT Scan प्रक्रिय Iodine युक्त X-RAYS किरणें निकलती है, यदि किसी को Iodine से Alergie है तो Doctor को जरूर बताएं
  • गर्भवती महिलाओं के बच्चों को X-RAYS किरणें नुकसान पहुंचा सकतीं हैं, अतः डाक्टर साहब से आवश्यक परामर्श अवश्य करें।
  • X-RAYS किरणें से Cancer का भी खतरा रहता है।

Results of CT Scan ( CT Scan के परिणाम ) 

अक्सर हमें ऐसी चोंट लग जाते हैं या ऐसी बिमारी हो जाती हैं जिसे हम अपनी सामान्य नजरों से नहीं देख सकते। तो इसी समस्या के निदान हेतु यह उपाय किया जा सकता है।

For more information you can visit Wikipedia 



Wednesday, 12 December 2018

क्रिसमस डे निबंध - Christmas Day Essay Full Information In Hindi


Christmas Day Essay

First of all Marry Marry Christmas Day. Christmas day ki iss Paawan festival ki heartiest congratulations. If you also searching about Christmas Day Essay, History and full information then you are in the right place. 
Christmas Day Essay In Hindi
Christmas Day Essay In Hindi


Introduction :-

Jaisa ki aap sabhi ko pata hai India me Every Year saikdo festival manaye jaate hai. And sabhi festival ka apne jagah par alag aur vishesh mahatva hai. Issi tarah Christmas Day ka bhi vishesh mahatva hai. 
Waise toh yah Festival Christian dharm se sambandhit to hai, lekin iss festival ke mahatva aur lokpriyata ke kaaran isse India me hi nahi balki poore world me manaaya jaata hai. Yeh festival Shanti ka sandesh deti hai. Issi kaaran isse sabhi jaati Dharma ke log samaan prem aur sammaan ke saath manaate Hain.

Kiski Yaad me manaaya jaata hai :- 

Christmas day ka Festival . God Jessus ko samarpit hai. Jessus ki Yaad me Christmas Day Celebrate Kiya jaata hai

Jessus koun hai :- 

Jessus jisse Prabhu Yishu ke naam se se bhi jaana jaata hai Yishu ke jeevankal se samast ghatnaayo ka varnan Bible naamak Dharm Granth me milta hai. Bible ko do bhago me baanta gaya hai
  1. Naya Niyam
  2. Puraana Niyam
Naya Niyam book me Jessus ke janma ke poorva ke saari ghatnaayo ka varnan Kiya gaya hai. and Puraana Niyam book me Jessus ke janma ke Baad ke saari ghatnaayo ka varnan Kiya gaya hai
Khair aapki jaankari ke liye Bata Dena ki Jessus ka janma 25 December ko Marry naam ke avivaahit kanya ke kokh se hua tha, jiske kaaran unhe Mother Marry bhi kaha jaata hai. Jessus ka janma Nasraj  me hua tha jisske kaaran Jessus ko "Jessus Nasri" bhi kaha jaata hai.

Jessus ko God Kyon Kah Jaata Hai

Christian Jessus ko God ke Roop me poojte Hain. Unki iss maanyata ke pichhe Jessus ke logo ke prati samarpan ki bhavna hai. Jessus logo ki Seva ke prati tatpar leen rahte the aur apni prathna ke maadhyam se logon ki dukh bimaariya door karte the.
Jessus apne sevakaal ke douran 12 chele (Pupil) bhi banaaye, jinhone unke sevakaarya me vishesh sahyog diya. Inki sevakaryo ko kuchh logo ne galat prachaar prasaar samjha jisske kaaran unhe Shooli par chada Diya gaya.
Lekin 3 din ke Baad Jessus phir se jinda ho Gaye aur logo ke saath rahne lage.


Christmas Day Essay In Hindi
Christmas Day Essay In Hindi

Christmas Day kab manaaya jaata hai :- 

Yishu ke iss Paawan festival ko poore world me 25 December ko manaaya jaata hai. Lekin kissi kissi desh me Christmas day ko 25 March ko bhi celebrate karte hai, kyoki 25 March ko Mother Marry ke swapna me bhagwaan ne aakar unse kaha tha ki unke god Avatar lene waale Hain, jisske paalan ka dayitva Mother Marry par hai


Kaise manaaya jaata hai :- 

Jaisa ki upper me bataaya ja Chuka hai ki Christmas Day pyaar aur sammaan ke saath manaate hai aur bhaichare ko badhawa dete hain. Iss festival me Gift dete hain, mithaayi bantte hain. Christmas Day specially  X- Mass Tree  ka vishesh mahatva hai. In this big day Christmas Tree ko sajaane ka vishesh Rivaaj hai

Christmas Day Essay In Hindi
Christmas Day Essay In Hindi

Conclusion:- 

Ant me Christmas day ka nihitarth yah Hain ki yah festival pyar aur bhaichare ka festival hai. Aur iss Paawan Din ( Big Day) bade chaav ke saath manaana chahiye 

Aur adhik jaakari ke liye aap Wikipedia par visit Kar sakte hai

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